आज कल की किताबो में और कुछ साल पहले लिखी गयी किताबो में एक फर्क होता है| वो फर्क यह है की पहले किसी भी विषय को शुरू करने से पहले उसका विषय के नाम का मतलब समझाया जाता था| इसके बहुत सारे फायदे होते है जो नीचे लिखे है:

पहला फायदा: ऐसा करने से सिर्फ नाम से ही आपको आधा विषय समझ आ जाता था|
दूसरा फायदा: इसका दूसरा फायदा यह भी होता था की अगर कुछ समय बाद भी उस विषय को फिर से पढते तो सिर्फ विषय के नाम से ही आपको वो विषय याद आ जाता|
तीसरा फायदा: क्योंकि आप शब्दों को समझ लेते हो तो फिर आप किसी दुसरे विषय में भी उस शब्द को मिला पाते| इससे आप एक concept से दूसरा concept समझ पाते हो|

पर आज कल ऐसा नहीं किया जा रहा है| हम बहुत सारे विषय पढ़ते है पर कभी उसके नाम का मतलब जानने की कोशिश नहीं करते है| ऐसा इसलिए भी है क्योंकि किताबो में ही उसका मतलब नहीं लिखा हुआ| अब प्रश्न यह उठता है की ऐसा क्यों हो रहा है| इसका मुख्य कारण है की आज कल हम इंग्लिश में ज्यादा पढ़ रहे है| और इंग्लिश भाषा में शब्द कई अन्य भाषाओ से लिए गए है| और समय के साथ उन शब्दों के बोलने और लिखने का तरीका भी बदल गया है| इंग्लिश में शब्द की मूल को जानने को Etymology कहते है|  इसके विपरीत संकृत में सारे शब्द अपने ही है और शब्दों के निर्माण के नियम बदले नहीं है| उनकी वजह से आप किसी भी शब्द को गहराई से समझ सकते है|

अब आपको क्या करना है?
– पहले तो इंग्लिश etymology ढूँढने की कोशिश कीजिये. अगर मिल जाए तो ठीक है नहीं तो फिर उसका संकृत/हिंदी में शब्द ढूँढने की कोशिश कीजिये| आप देखेंगे की इस तरह से आप उस शब्द को ज्यादा बेहतर तरीके से प्रयोग में पाएंगे| उदाहरण की लिए Entrepreneur शब्द को समझने की कोशिश करते है


English Translation:

These days I notice a difference between recent books and old books that were written some years back. Say a subject Mathematics. Difference is that, old books used to first describe the meaning of word Mathematics before starting the subject. You can say Etymology of the Mathematics. And it was true for each and very subtopics used in that subject. So what are the benefits:
1. By understanding the name of topic, you get better understanding of the topic.
2. When you read the topic again in future, name of topic itself would give the summary of it.
3. When one gets into habbit of understanding words, they can related words used in one subject with words used in other subject. Hence one concept can help us understand other concept.But these days, this approach in not being followed. I am from India where most of the knowledge is available in Sankskrit. But these days, we are studying subjects in English. Now English language has so many words borrowed from different language. Also meaning and spelling of the same word has changed in past years. We study etymology to find the root of the word.  On the other hand, Sanksrit words are from Sankrit only and rules to make the words have also not changed. So it is easy to understand/related words in Sanskrit.

What you have to do?
First try to find the etymology of the english word. But in case you don’t get it or you want to better understand the word then look for similar word in Sankrit. There you WOULD get meaning in details.

Take example of word Entrepreneur: